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सामान्य निर्वाचक से जुड़े सवाल

सामान्य निर्वाचक से जुड़े सवाल

  1. निर्वाचकों की श्रेणियों से जुड़े सवाल
  2. पंजीकरण की पात्रता से जुड़े सवाल
  3. गैर-भारतीय नागरिक और अनिवासी भारतीयों से जुड़े सवाल
  4. नामांकन की प्रक्रिया से जुड़े सवाल
  5. दस्तावेज़ों से जुड़े सवाल
  6. छात्रों के पंजीकरण से जुड़े सवाल
  7. बेघर/स्वयं का घर न होने/किरायेदार होने की स्थिति
  8. निर्वाचक अधिकारियों के पते
  9. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
  10. निर्वाचक नामावली में सुधार की प्रक्रिया
  11. निवास स्थान बदलने की स्थिति में
  12. मतदाता पहचान पत्र खो जाने की स्थिति
  13. नाम के शामिल होने पर आपत्ति
  14. अनापत्ति प्रमाण/निर्वाचक नामावली से नाम हटाने से जुड़े सवाल
  15. पंजीकृत होने का समय
  16. नौकरी/स्थानातंरण/कार्यस्थल परिवर्तित होने की स्थिति

निर्वाचकों की श्रेणियों से जुड़े सवाल

भारत में निर्वाचकों की मुख्य श्रेणियां कौन-कौन सी हैं?

उत्तर- भारत में निर्वाचकों की तीन श्रेणियां हैं:-

(i) सामान्य निर्वाचक

(ii) प्रवासी निर्वाचक (एनआरआई)

(iii) सेवा निर्वाचक

पंजीकरण की पात्रता से जुड़े सवाल

प्रश्न-2 कौन सामान्य निर्वाचक के रूप में पंजीकृत होने के पात्र होते हैं?

उत्तर- जब तक अन्यथा निरर्ह न हो, ऐसा प्रत्येक भारतीय नागरिक जिसने अर्हक तारीख अर्थात्‌ निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के वर्ष की जनवरी की पहली तारीख को 18 वर्ष पूर्ण कर लिए हों, निर्वाचन-क्षेत्र के उस भाग/मतदान क्षेत्र, जहां का वह मामूली तौर पर निवासी है, की निर्वाचक नामावली में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का पात्र है।

प्रश्न-3 18 वर्ष की आयु के निर्धारण के लिए संगत तिथि कौन-सी है? क्या मैं स्वयं को 18 वर्ष पूर्ण कर लेने वाले दिन से निर्वाचक के रूप में पंजीकृत हो सकता हूं?

उत्तर- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14(ख) के अनुसार किसी आवेदक की आयु के निर्धारण के लिए संगत तारीख (अर्हक तारीख) उस वर्ष की जनवरी की पहली तारीख होगी जिसमें पुनरीक्षण के पश्चात निर्वाचक नामावली को अंतिम रूप से प्रकाशित किया गया है। उदाहरणार्थ, यदि आपने 02 जनवरी, 2013 के पश्चात परंतु 01 जनवरी, 2014 तक की किसी भी तारीख को 18 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं या पूरे कर रहे हैं तो आप जनवरी, 2014 को अंतिम रूप से प्रकाशित होने वाली निर्वाचक नामावली में मतदाता के रूप् में पंजीकृत होने के पात्र होंगे।

गैर-भारतीय नागरिक और अनिवासी भारतीयों से जुड़े सवाल

प्रश्न-4 क्या भारत का गैर-नागरिक भारत में निर्वाचक नामावलियों में मतदाता हो सकता है?

उत्तर- नहीं। ऐसा व्यक्ति जो भारत का नागरिक नहीं है, भारत में निर्वाचक नामावलियों में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का पात्र नहीं है। यहां तक कि ऐसे व्यक्ति, जो अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करने पर भारत के नागरिक नहीं रह गए हैं, वे भी भारत में निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत होने के पात्र नहीं हैं।

प्रश्न-5 क्या ऐसे अनिवासी भारतीय, जो विदेशों में बस गए हैं, भी भारत में निर्वाचक नामावली के निर्वाचक बन सकते हैं?

उत्तर- हां। लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) अधिनियम, 2010 द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के प्रावधानों के अनुसरण में कोई ऐसा व्यक्ति जो भारत का नागरिक है तथा जिसने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त नहीं की है किंतु अन्यथा मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का पात्र है और जो अपनी शिक्षा, रोजगार अथवा किसी अन्य कारण से भारत में अपने सामान्य निवास स्थान पर उपस्थित नहीं है, अपने पासपोर्ट में उल्लिखित उस स्थान पर जहां भारत में निर्वाचन क्षेत्र में उसका निवास स्थान स्थित है, मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का पात्र हैं।

नामांकन की प्रक्रिया से जुड़े सवाल

प्रश्न-6 किस प्रकार से कोई निर्वाचक नामावली में पंजीकृत/नामांकित हो सकता है?

उत्तर- इस प्रयोजनार्थ उसे उस निर्वाचन क्षेत्र, जिसमें आवेदक के सामान्य निवास का स्थान आता है, के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष निर्धारित फार्म-6 में आवेदन जमा कराना होता है। इस आवेदन को व्यक्तिगत रूप से सुसंगत दस्तावेजों की प्रतियों के साथ संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष जमा कराया जा सकता है अथवा उसे संबोधित कर डाक से भेजा जा सकता है या संबंधित राज्य के मुखय निर्वाचन अधिकारी अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी फाइल किया जा सकता है। फार्म-6 को ऑनलाइन फाइल करते हुए आवश्यकत दस्तावेजों की प्रतियों को भी अपलोड किया जाना चाहिए।

प्रश्न-7 फार्म-6 कहां से प्राप्त किया जा सकता है?

उत्तर- इसे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। फार्म-6, संबंधित मतदान केंद्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा बूथ लेवल अधिकारियों के कार्यालयों में भी निःशुल्क उपलब्ध है।

दस्तावेज़ों से जुड़े सवाल

प्रश्न-8 फार्म-6 के साथ कौन-से दस्तावेज लगाए जाने अपेक्षित होते हैं?

उत्तर- फार्म-6 में इस प्रयोजनार्थ दिए बॉक्स में हाल ही के रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो लगाने के साथ-साथ फार्म-6 के साथ आयु तथा निवास के दस्तावेजी साक्ष्यों की प्रतियां लगाई जानी अपेक्षित होती हैं। फार्म-6 के साथ संलग्न किए जाने वाले आयु तथा निवास के दस्तावेजी साक्ष्यों की सूची फार्म-6 के साथ संलग्न दिशा-निर्देशों में दी गई है। फार्म-6 को भरने के लिए इसके साथ संलग्न दिशा-निर्देशों का संदर्भ लिया जा सकता है।

प्रश्न-9 मेरे पास राशन-कार्ड नहीं है। क्या मैं राशन-कार्ड के बिना पंजीकरण करवा सकता हूँ? ऐसे अन्य कौन-से दस्तावेज हैं जो मैं अपने निवास के साक्ष्य के रूप में दिखा सकता हूँ।

उत्तर- यदि आवेदक के पास राशन कार्ड नहीं है तो वह फार्म-6 के साथ संलग्न दिशा-निर्देशों में सूचीबद्ध निवास का कोई अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।

प्रश्न-10 क्या उन मामलों में आयु का दस्तावेजी साक्ष्य अपेक्षित है, जहां आवेदक की आयु 21 वर्ष से अधिक है?

उत्तर- आयु के दस्तावेजी साक्ष्यों की आवश्यकता केवल उन मामलों में पड़ती है जहां आवेदक की आयु 18-21 वर्ष के बीच है। अन्य सभी मामलों में आवेदक द्वारा उसकी आयु की घोषणा को ही आयु का साक्ष्य माना जाएगा।

प्रश्न-11 ऐसा आवेदक जो 18-21 वर्ष की आयु में हैं, परंतु उसके पास आयु का कोई दस्तावेजी साक्ष्य/जन्म तिथि का साक्ष्य नहीं है, तो निर्वाचक के रूप में पंजीकरण हेतु उसे आवेदन फार्म के साथ कौन-से दस्तावेज लगाने चाहिए?

उत्तर- ऐसे मामलों में जहां उक्त दिशा-निर्देशों में आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट दस्तावेजों में से आवेदक, जो 18-21 वर्ष का है, के पास कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो आवेदक के किसी एक अभिभावक द्वारा (पारलिंगी ('अन्य') श्रेणी के मामले में उनके गुरू द्वारा) अनुबंध में दिए निर्धारित प्रारूप में (निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध फार्म-6 के साथ संलग्न दिशा-निर्देशों के साथ संलग्न) शपथ-पत्र दे सकता है। उन मामलों में जहां आयु के साक्ष्य के रूप में माता या पिता द्वारा घोषणा दी जाती है, वहां आवेदक स्वयं को सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त, यदि उपर्युक्त में से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या उनके कोई भी अभिभावक जीवित नहीं हैं तो आवेदक संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच या संबंधित नगर निगम/नगर पालिका समिति/विधान सभा/संसद के सदस्य द्वारा दिया गया प्रमाण-पत्र संलग्न कर सकता है।

छात्रों के पंजीकरण से जुड़े सवाल

प्रश्न-12 मैं एक छात्र हूँ और अपने जन्म स्थान से दूर होस्टल/मैस में अध्ययन करता हूँ। मैं स्वयं को अपने वर्तमान निवास के पते पर पंजीकृत करवाना चाहता हूँ। मैं क्या करूँ?

उत्तर- ऐसे छात्रों के मामलों में जो अपने जन्म स्थान से दूर अध्ययन स्थल पर ही हॉस्टल या मेस में रहते हैं जिसका प्रबंधन शिक्षण संस्थाओं या किसी और के द्वारा किया जाता है, के पास यह विकल्प मौजूद रहता है कि वे स्वयं को अभिभावकों के साथ अपने जन्म स्थल पर या हॉस्टल/मैस के पते पर जहां पर वह वर्तमान समय में अध्ययन करते हुए निवासी हैं, स्वयं को पंजीकृत करवा लें। उनके द्वारा अध्ययन किया जाने वाला पाठ्‌यक्रम केंद्रीय/राज्य सरकारों/बोर्ड/ यूनिवर्सिटी/डीम्ड यूनिवर्सिटी द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए और ऐसे पाठ्‌यक्रम कम से कम एक वर्ष के होने चाहिए। ऐसे छात्र जो स्वयं को हॉस्टल या मेस में पंजीकृत करवाना चाहते हैं, उन्हें फार्म-6 के साथ अपने द्गिाक्षा संस्थानों के प्रधानाचार्य/प्रिंसीपल/निदेशक/रजिस्ट्रार/ अपने द्गिाक्षा संस्थान के डीन से सद्‌भावी प्रमाण-पत्र (निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध फार्म-6 से संलग्न दिशा-निर्देशों के उपबंध-प्प् पर दिए नमूने के अनुसार) संलग्न करेंगे।

बेघर/स्वयं का घर न होने/किरायेदार होने की स्थिति

प्रश्न-13 ऐसा बेघर व्यक्ति, जो निर्वाचक के रूप में पंजीकरण के लिए अन्यथा पात्र है, परंतु उसके पास सामान्य निवास के दस्तावेज़ी साक्ष्य नहीं है। ऐसे मामले में सत्यापन की प्रक्रिया क्या है?

उत्तर- बेघर व्यक्तियों के मामले में, बूथ लेवल अधिकारी रात्रि में फार्म-6 पर दिए पते पर जाएंगे ताकि वे यह अभिनिद्गिचत कर सकें कि बेघर व्यक्ति फार्म-6 में उसके द्वारा दिए गए पते पर वास्तव में सोते हैं। यदि बूथ लेवल अधिकारी यह सत्यापन कर लेते हैं कि बेघर व्यक्ति वास्तव में उस स्थान पर सोता है तो निवास स्थान के दस्तावेजी साक्ष्य की कोई आवश्यकता नहीं है। बूथ लेवल अधिकारी को ऐसे सत्यापन के लिए एक रात्रि से अधिक बार जाना चाहिए।

प्रश्न-14 मैं एक किरायेदार हूँ और मेरे मकान मालिक नहीं चाहते कि मेरा पंजीकरण हो। मैं स्वयं को मतदाता के रूप में कैसे पंजीकृत करवा सकता हूँ?

उत्तर- मतदाता सूची में पंजीकृत होना आपका सांविधिक अधिकार है। निर्वाचन आयोग/राज्य के मुखय निर्वाचन अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध अपने क्षेत्र की निर्वाचक नामावली की जांच कर लें। यदि आपका नाम निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं किया गया है तो फार्म-6 भरें और इसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा करा दें।

प्रश्न-15 दावा आवेदनों तथा आपत्तियों के सत्यापन के लिए सक्षम प्राधिकारी कौन है?

उत्तर- संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी।

निर्वाचक अधिकारियों के पते

प्रश्न-16 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के डाक पते कहां से प्राप्त किए जा सकते हैं?

उत्तर- सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के डाक-पते भारत निर्वाचन आयोग/संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुखय निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

प्रश्न-17 यदि मैं ऑनलाइन आवेदन करता/करती हूँ, तो क्या अपेक्षित दस्तावेजों सहित फार्म-6 की हस्ताक्षरित प्रति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की वेबसाइट पर भेजी जानी चाहिए?

उत्तर- जैसे ही निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को ऑनलाइन रूप से फार्म-6 प्राप्त होता है, वह संलग्नकों सहित फार्म को डाउनलोड करता है और बूथ लेवल अधिकारी को आवेदन सहित फार्म पर आपके मूल हस्ताक्षर प्राप्त करने और उनका सत्यापन करने के लिए आपके घर भेजेंगे।

प्रश्न-18 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनवाई के लिए नोटिस कहां भेजा जाएगा?

उत्तर- निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, आवेदक द्वारा बताए गए पते पर उसके वर्तमान निवास वाले पते पर नोटिस भेजेगा और इसे आवेदक को विधिवत रूप से नोटिस दिया जाना माना जाएगा।

प्रश्न-19 क्या आवेदक या सुनवाई पक्षों को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होना आवश्यकता है? यदि हां, तो सुनवाई कैसे की जाएगी?

उत्तर- सामान्यतः व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होना या सुनवाई आवश्यक नहीं है। फार्म-6 प्राप्त करने पर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एक सप्ताह के अंदर, यदि कोई है, आपत्तियां आमंत्रित करने वाले नोटिस बोर्ड पर उक्त फार्म की प्रति प्रदर्शित करेंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को आवेदक के निवास पर जाने को कहेंगे और उसके संबंधियों या पड़ोसी, यदि कोई है, से आवेदक द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचना का सत्यापन करेंगे। यदि फार्म-6 सभी तरह से पूर्ण है और उसके साथ सभी संगत दस्तावेज संलग्न है और निर्धारित एक सप्ताह की अवधि में किसी भी व्यक्ति ने आपत्ति नहीं की है तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यदि आवश्यकत समझें तो बूथ लेवल अधिकारी द्वारा ऐसे सत्यापन के पश्चात निर्वाचक नामावली में नाम शामिल करने के आदेश दे सकता है। ऐसे मामलों में जहां नाम शामिल करने के लिए फार्म-6 में दावों पर कोई आपत्ति है तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, की गई आपत्ति के लिए आवेदक और आपत्तिकर्ता को सुनेंगे।

प्रश्न-20 दावों और आपत्तियों की सूची कहां देखी जा सकती है?

उत्तर- इसे संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। इसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी देखा जा सकता है।

प्रश्न-21 कोई भी आवेदक यह कैसे जानेगा कि उसका नाम निर्वाचक नामावली में शामिल किया गया है?

उत्तर- आवेदक को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय की सूचना उसके  द्वारा फार्म-6 में दिए गए पते पर डाक द्वारा तथा फार्म-6 में उसके द्वारा दिए मोबाइल नम्बर पर एस एम एस द्वारा दी जाएगी। निर्वाचक नामावलियां संबंधित राज्य के मुखय निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर किसी के भी द्वारा देखी जा सकती हैं।

निर्वाचक नामावली में सुधार की प्रक्रिया

प्रश्न-22 निर्वाचकों से संबंधित निर्वाचक नामावली में यदि कोई त्रुटियां हैं तो उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है?

उत्तर- निर्वाचक नामावलियों में त्रुटियों के सुधार के लिए संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को फार्म-8 में आवेदन जमा करवाना होता है।

प्रश्न-23 मैंने अपना निवास स्थान, जहां पर एक मतदाता के रूप में मैं पंजीकृत हूँ, बदल लिया है। मैं यह किस प्रकार से सुनिद्गिचत कर सकता हूँ कि मैं अपने नए निवास स्थान पर पंजीकृत हो सकूं।

उत्तर- यदि नया निवास-स्थान उसी निर्वाचन क्षेत्र में है तो कृपया फार्म ८ क भरें, अन्यथा, फार्म-6 भरें और अपने नए निवास स्थान क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा करें।

निवास स्थान बदलने की स्थिति में

प्रश्न-24 मैंने, हाल ही में अपना निवास स्थान बदल लिया है। मेरे पास अपने पुराने पते का मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ई पी आई सी) है। क्या मैं वर्तमान पते पर नया ई पी आई सी प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर- सबसे पहले, आपको यह सुनिद्गिचत करना है कि आप सम्बन्धित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, जिसमें आपका नया पता स्थित है, उसकी निर्वाचक नामावली में नामांकित है या नहीं। यद्यपि, यह आवश्यकत नहीं है कि ई पी आई सी में आपके नये पते को बदला जाए। हालांकि, यदि आप ई पी आई सी में अपना पता बदलवाना चाहते हैं तो उसके लिए नए निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास, 25/- रुपये के प्रभार के साथ आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नए पते वाला ई पी आई सी जारी कर देंगे। यद्यपि, इस ई पी आई सी की संखया पुराने ई पी आई सी वाली ही रहेगी।

प्रश्न-25 मेरे मतदाता फोटो पहचान-पत्र में कुछ त्रुटियाँ हैं। सही विवरण वाले नए ई पी आई सी को प्राप्त करने की क्या प्रक्रिया है?

उत्तर- आप अपने ई पी आई सी में त्रुटियों के सुधार के लिए फार्म-8 में आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, उसी नम्बर वाला नया ई पी आई सी आवश्यकत सुधारों को करने के बाद जारी कर देंगे।

मतदाता पहचान पत्र खो जाने की स्थिति

प्रश्न-26 मेरा पुराना ई पी आई सी खो गया है। मैं नया ई पी आई सी कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर- ई पी आई सी के खो जाने पर पुलिस में दर्ज की गई द्गिाकायत की फोटोप्रति तथा रु. 25/- की फीस का भुगतान करने पर नया मतदाता फोटो पहचान-पत्र जारी किया जा सकता है। हालांकि ऐसे किसी कारण जैसे बाढ़, आग लगने और अन्य प्राकृतिक आपदा इत्यादि होने पर, जिन पर निर्वाचक का कोई वद्गा नहीं है, यदि ई पी आई सी खो गया है तो कोई फीस प्रभारित नहीं की जाएगी।

नाम के शामिल होने पर आपत्ति

प्रश्न-27 निर्वाचक नामावलियों में नामों के समावेशन पर कौन आपत्ति कर सकता है?

उत्तर- कोई भी व्यक्ति जो सम्बन्धित निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है, निर्वाचक नामावली में इस आधार पर नामों के समावेशन पर आपत्ति कर सकता है कि जिस व्यक्ति का नाम जोड़ा गया है या जोड़ा जाना प्रस्तावित है,वह उस निर्वाचन-क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने योग्य नहीं है। सुसंगत साक्ष्यों के साथ सम्बंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को फार्म-7 में आपत्ति दर्ज की जा सकती है।

अनापत्ति प्रमाण/निर्वाचक नामावली से नाम हटाने से जुड़े सवाल

प्रश्न-28 मेरे पड़ोसी/रिश्तेदार ने अपना निवास स्थान बदल लिया है। परन्तु निर्वाचक नामावली में उसका नाम अभी तक सम्मिलित है। निर्वाचक नामावली में उसका नाम हटवाने के लिए किस फार्म में आवेदन किया जा सकता है?

उत्तर- निर्वाचक नामावली से स्थानान्तरित/मृत/अनुपस्थित मतदाता के नाम को हटाने के लिए फार्म-7 में आवेदन किया जा सकता है। डुप्लीकेट प्रविष्टि को हटाने के लिए भी, फार्म-7 में आवेदन किया जा सकता है।

पंजीकृत होने का समय

प्रश्न-29 निर्वाचक नामावली में पंजीकरण कब प्राप्त किया जा सकता है? क्या पूरे वर्ष पंजीकरण होता है?

उत्तर- निर्वाचन आयोग मौजूदा निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण के आदेश लगभग सितम्बर से अक्तूबर महीनों के मध्य देता है और ऐसी पुनरीक्षित निर्वाचक नामावली आने वाले वर्ष की जनवरी के प्रथम सप्ताह में, अंतिम रूप से, प्रकाशित की जाती हैं। कोई भी व्यक्ति, दावा आवेदन (फार्म-6) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या ऐसे आवेदनों को प्राप्त करने के लिए नामित अधिकारी अर्थात्‌ पदनामित अधिकारी के पास दावों और आपत्तियों के लिए आवेदन जमा करने की समयावधि के दौरान जमा कर सकता है। अंतिम रूप् से प्रकाशित होने के बाद भी निर्वाचक नामावलियों को लगातार अद्यतन किया जाता है और कोई भी अनवरत अद्यतन के दौरान कभी भी दावा आवेदन देकर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को स्वयं को पंजीकृत करवा सकता है।

नौकरी/स्थानातंरण/कार्यस्थल परिवर्तित होने की स्थिति

प्रश्न-30 क्या कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत हो सकता है? यदि मैं दिल्ली में काम कर रहा हूँ/रह रहा हूँ, क्या मैं अपने मूल स्थान उत्तराखण्ड में भी मतदाता हो सकता हूँ?

उत्तर- नहीं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 और 18 में निहित प्रावधानों के आलोक में, कोई भी व्यक्ति एक से अधिक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता है। इसी प्रकार, किसी भी निर्वाचन नामावली में, कोई भी व्यक्ति एक से अधिक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता है। नए पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय, प्रत्येक व्यक्ति को यह घोषणा करनी होती है कि उसका नाम किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में पहले से शामिल नहीं है और यदि ऐसा कथन/घोषणा असत्य होती है और जिसको आवेदक यह जानता है या मानता है कि वह मिथ्या है या उसका मानना है कि वह सत्य नहीं है, तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अन्तर्गत दण्डित होने के लिए उत्तरदायी है।

प्रश्न-31 यदि मुझे, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के आदेश के विरूद्ध शिकायत करनी है तो किससे अपील करनी चाहिए?

उत्तर- पुनरीक्षण अवधि के दौरान, आप जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील दाखिल कर सकते हैं। सतत अद्यतनीकरण प्रक्रिया के दौरान आवेदन के मामले में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के किसी आदेश के विरूद्ध ऐसी अपील सम्बन्धित जिले के जिला मजिस्ट्रेट/अपर जिला मजिस्ट्रेट/कार्यकारी मजिस्ट्रेट/जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद, अपीलीय प्राधिकारी के आदेश के विरूद्ध अपील राज्य के मुखय निर्वाचन अधिकारी का की जाएगी।

स्त्रोत-निर्वाचन आयोग,भारत सरकार

अंतिम सुधारित : 2/6/2023



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